अधीन भारत स्वाधीन भारत
• विदेशी लुटेरे और अंग्रेज देश • अब धन विदेश भारतीयों
का धन विदेश भेजते थे| द्वारा भेजा जा रहा है|
• उस समय जागीदारी प्रथा थी. • अब ठेकेदारी प्रथा है|• हम शारीरिक रूप से गुलाम थे. • अब शारीरिक तथा मानसिक
दोनों रूप से गुलाम है|
•क्षेत्रवाद ,भाषावाद तथा • क्षेत्रवाद,भाषावाद (उदहारण:-
जातिवाद इत्यादि! राज्यों का विभाजन) आरक्षण
जाति वाद का ही विकसित
रूप है|
•उस समय आर्थिक स्थिति • आज 65 साल बाद भी
कमजोर थी स्थिति वही बनी हुई है|
•भारतीयों में एकता की भावना • अब जातिवाद आधारित
•भारतीयों में एकता की भावना • अब जातिवाद आधारित
थी| राजनीति से एकत खंडित
हो गई है|
पहले भी हम गुलाम थे और आज भी हम गुलाम है|
साथियों हमारा तो ये ही कहना है "श्मशानों की ख़ामोशी व्यान करती है कि केवल कफन बदले हैं, लाशे वही है"
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